alok verma

आरक्षण पर कविता

यह कैसी विडम्बना यह कैसा अत्याचार है?
जिसने की जी तोड़ पढ़ाई वह बैठा बेकार है

प्रतियोगिता के काल में कोटा क्यों बना दिया?
भारत की महान शिक्षा को छोटा क्यों बना दिया?
यह हमारी कमज़ोरी है या समाज का विकार है?

यह कैसी विडम्बना यह कैसा अत्याचार है?
जिसने की जी तोड़ पढ़ाई वह बैठा बेकार है

रचियता को नहीं मालूम इससे बनाने वाले क्या आकार है
अंधे हो जाते है नेता जब देखते कुर्शी साकार है
कोटे का होना हमारी स्वतंत्रता पर एक वार है

यह कैसी विडम्बना यह कैसा अत्याचार है?
जिसने की जी तोड़ पढ़ाई वह बैठा बेकार है

युवा वर्ग को कोटा नहीं अवसर मिलना चाहिए
जिसके अंदर क्षमता हो वह आगे बढ़ाना चाहिए
भीख में मिले मौके को लानत है धित्कार है..

यह कैसी विडम्बना यह कैसा अत्याचार है?
जिसने की जी तोड़ पढ़ाई वह बैठा बेकार है

againstres

I come under OBC category due to my cast, but I have never used the leverage of reservation because I felt that I am capable enough to make my career without it. I strongly condemn this politically motivated caste based reservation system in India.

1 Comment

  • Ashok March 6, 2016 at 9:51 am

    गरीबी हटाओ आन्दोलन नहीं है आरक्षण आरक्षण को समझने के लिए आरक्षण का इतिहास भी झाक लेना जरुरी है | आरक्षण की शुरूआती मांग हुई थी 1891 में | उस समय भारत में अंग्रेज राज करते थे | अंग्रेज सरकार ने कई नौकरियां निकलवाई थी लेकिन भर्ती प्रक्रिया में भारतीयों से भेदभाव के चलते सिर्फ अंग्रेजो को ही नौकरी दी जाती थी, और काबिल भारतीय नौकरी से वंचित रह जाते थे | भारतीयों ने नौकरी में आरक्षण के लिए आन्दोलन किया | भारतीयों का नौकरी में आरक्षण का आंदोलन सफल रहा और हमारे कई भाइयो को इसका फायदा हुआ | आजादी के बाद कई लोगो को इस बात का यकीं था की पिछडो के साथ भेदभाव के चलते उन्हें नौकरियों में काबिल होने के बावजूद जगह नहीं दी जाएगी, क्योकि जितना भेदभाव अंग्रेज भारतीयों से करते थे उससे कही ज्यादा भेदभाव भारतीय पिछड़ी जाती के लोगो से करते है | सवाल यह उठता है की क्या पिछड़ी जातियों के साथ भेदभाव ख़त्म हो गया है ? जवाब है नहीं | Being Indian Group ने एक सर्वे किया, जिससे पता चला की जहा गावो में यह भेदभाव स्पष्ट रूप से मौजूद है वाही शहरों में यह अदृश्य और अप्रत्यक्ष रूप से जिन्दा है |

    Reply

Leave a Comment